<style> footer { visibility: hidden; } img { display: block; margin-left: auto; margin-right: auto; } body > .ui-infobar, body > .ui-toc, body > .ui-affix-toc { display: none !important; } body::-webkit-scrollbar { width: 0 !important } body { overflow: -moz-scrollbars-none; } body { -ms-overflow-style: none; } .markdown-body { font-family: "Kohinoor Devnagiri"; text-align:justify; font-size:1.3em; padding-top:0.2em; } .markdown-body h1 { font-size:1.7em; } .markdown-body h2 { padding-top:1em; font-size:1.5em; border-top: 1px solid #eee; border-bottom: 1px solid #fff; } .markdown-body h3 { font-size:1.3em; } #doc.comment-enabled.comment-inner{ margin-right:0px; } .video-container { overflow: hidden; position: relative; width:100%; } .video-container::after { padding-top: 56.25%; display: block; content: ''; } .video-container iframe { position: absolute; top: 0; left: 0; width: 100%; height: 100%; } </style> # भुवनेश्वरी जयंती तिथि, पूजा विधि व लाभ ![]( https://srm-cdn.a4b.io/images/orig/3rnBXaFNPHkrD5MT7G6UYvSH67Ewzi5b.png?w=1080&h=1080) भुवनेश्वरी जयंती, दस महाविद्या देवी में से चौथी देवी भुवनेश्वरी को समर्पित है। जैसा कि नाम से ही पता चलता है, वह सभी लोकों की देवी हैं और पूरे ब्रह्मांड पर राज करती हैं, इसलिए इन्हें विश्व माता भी कहा जाता है। भुवनेश्वरी जयंती के इस शुभ अवसर पर, हम आपके लिए भुवनेश्वरी जयंती की तिथि, लाभ एवं पूजा विधि की जानकारी लेकर आए हैं। **भुवनेश्वरी जयंती की तिथि:** भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष द्वादशी (12वें दिन) के दिन, भुवनेश्वरी जयंती मनाई जाती है। इस साल 2022 में यह जयंती, 7 सितंबर को मनाई जाएगी। इस दिन देवी भुवनेश्वरी की पूजा-अर्चना करने से, विशेष लाभ मिलते हैं। **भुवनेश्वरी जयंती की पूजा विधि:** भुनेश्वरी जयंती के दिन, ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान आदि करने के बाद, साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद, एक साफ चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर, उस पर मां भुवनेश्वरी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। मूर्ति या तस्वीर स्थापित करने के बाद, मां भुवनेश्वरी को लाल रंग के पुष्प, वस्त्र, श्रृंगार, कुमकुम, अक्षत, चंदन और रूद्राक्ष की माला अर्पित करें। इसके बाद, मां भुवनेश्वरी की विधिवत पूजा करें और मां भुवनेश्वरी के मंत्रों का जाप करें। मंत्र जाप करने के बाद, मां भुवनेश्वरी की कथा पढ़े या सुनें और फिर, माँ को मावे का भोग लगाएं। इसके पश्चात् आरती कर, पूजा का समापन करें। **भुवनेश्वरी जयंती पूजा के लाभ:** माँ भुवनेश्वरी, पूरी दुनिया पर राज करने वाली देवी हैं। देवताओं और योगियों द्वारा भी उनकी पूजा की जाती है। देवी भुवनेश्वरी की पूजा करने से, अनेकों प्रकार के लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं- - मंत्रमुग्ध करने वाला व्यक्तित्व प्राप्त होता है - चौतरफा वित्तीय समृद्धि और स्थिरता मिलती है - मकान, वाहन, आदि की प्राप्ति में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं - साहस, आत्मविश्वास, और संवेदनशीलता मिलती है - चंद्रमा ग्रह के नकारात्मक प्रभावों से भक्तों की रक्षा होती है - रोग, शत्रुओं और समस्याओं से बचाव होता है - जातक, एक सुखी पारिवारिक जीवन व्यतीत करता है और प्रसिद्धि प्राप्त करता है - वैवाहिक जीवन में संपूर्णता के साथ, सुख समृद्धि प्राप्त होती है तो यह थे, भुवनेश्वरी जयंती के लाभ और पूजा-विधि की विस्तृत जानकारी। हम आशा करते हैं, कि आपकी पूजा फलीभूत हो और ईश्वर की कृपा, आप पर सदैव बनी रहे। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी, तो ऐसी और भी धर्म संबन्धित जानकारियों और कहानियों को जानने के लिए, बने रहिये श्रीमंदिर के साथ।