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# संतान सप्तमी से जुड़ी ज़रूरी बातें

हिंदू धर्म में हर व्रत का अपना महत्व होता है, इन व्रतों का शुभ फल प्राप्त करने के लिए, यह बेहद ज़रूरी है कि हम इनकी महिमा को ठीक से जानें। आज हम ऐसे ही एक लाभकारी व्रत संतान सप्तमी की महिमा के बारे में जानेंगे। साथ ही हम आपको इस व्रत के मुहूर्त एवं इसके लाभों के बारे में भी बताएंगे।
संतान सप्तमी का व्रत यह पूजा विशेषतः, भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होती है। संतान सप्तमी व्रत और उसकी पूजा के अनन्य लाभ हैं, यह व्रत, स्त्रियों द्वारा संतान प्राप्ति की इच्छा से किया जाता है। इसके अलावा, इस व्रत को महिलाएं अपनी संतान की दीर्घायु, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि के लिए भी करती हैं। कई महिलाएं इस व्रत को निराहार भी रखती हैं।
**व्रत की तिथि और शुभ मुहूर्त:**

इस पावन व्रत को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को किया जाता है। अगर इस व्रत की तिथि और शुभ मुहूर्त की बात करें तो, इस वर्ष संतान सप्तमी, 3 सितंबर को मनाई जाएगी।
**सप्तमी तिथि की शुरुआत:** 2 सितंबर 2022, शुक्रवार को दोपहर 1:50 मिनट पर होगी।
**वहीं इसका समापन:** 3 सितंबर 2022, शनिवार को दोपहर में 12:25 मिनट पर पर होगा।

इस व्रत में कई जगहों पर संतानों की संख्या के अनुसार सवा तोले के चांदी के कंगन या छल्ले बनवा कर उनकी भी पूजा की जाती है। इस पूजा को दोपहर में 12 बजे के बाद किया जाता है। व्रत धारण करने वाली महिलाओं को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि व्रत को बीच में बंद नहीं करना चाहिए, व्रत का संकल्प लेने के बाद बिना उद्यापन के इसे बंद ना करें।
तो यह थी संतान सप्तमी की संपूर्ण जानकारी और इस पूजा से होने वाले लाभ, अगर आप ऐसे ही अन्य पर्वों की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो श्रीमंदिर से जुड़े रहें।